मानव जीवन में मदद का भाव होना चाहिए ,,,,, पंडित राज राजेश्वर शास्त्री।
दादाजी सेवा भक्त मंडल की ओर से संतों का किया सम्मान।

आरती की थाली सजाओ प्रतियोगिता का होगा आज आयोजन
खातेगांव। जिस व्यक्ति ने इस कलयुग में समय वक्त की कदर जानी उसका जीवन सफल हुआ, समय एक जैसा नहीं रहता है जब आपका अच्छा समय हो हर तरफ आपकी जय जयकार हो उस समय आपको अभिमान नहीं करना चाहिए। जीवन में अभियान ही पतन का कारण बनता है। मैं हूं तो सब हो रहा है ,मैंने किया है तो सब हुआ है। यह विचार मन से त्याग दें क्योंकि करने वाला और कराने वाला स्वयं भगवान है आप और हम तो नियमित हैं मात्र । परेशान दुखी व्यक्ति की पीड़ा को जाने वही संत है, दूसरों के पीड़ा को अपनी पीड़ा समझे, मानव जीवन में मदद का भाव होना चाहिए संत की यही पहचान है साधु की यही पहचान है ,साधु संत का जगत ही परिवार है। इस संसार को कौन नचाता है संसार को केवल स्त्रियां ही नाचा सकती है। हमको भगवान को जानना होगा क्योंकि हर पल हर समय भगवान हमारी सहायता करने पहुंचते हैं लेकिन हम भगवान को पहचान नहीं सकते जिस प्रकार कुंती ने भगवान श्री कृष्ण से सिर्फ कष्ट मांगा क्योंकि हम कष्ट में ही भगवान को याद कर सकते हैं। सुखी होने पर हम भगवान को भूल जाते हैं इसलिए कुंती ने भगवान से कष्ट और पीड़ा मांगी क्योंकि इस समय हम प्रभु का स्मरण करते हैं। उक्त विचार डाक बंगला मैदान पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पंडित राज राजेश्वर शास्त्री ने उपस्थित जन समूह को कथा श्रवण करते हुए व्यक्त किये उन्होंने कथा प्रसंग के दौरान बताया कि सबसे बड़ा दिन भगवान श्री राम जी का जिस दिन जन्म हुआ था वह दिन सबसे बड़ा था एक माह का 1 दिन था,और संसार में सबसे बड़ी छह माह की जो रात थी वहां भगवान श्री कृष्ण की महारास वाली रात्रि थी। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा सप्ताह के दौरान द्वितीय दिवस कथा परिसर में दादाजी सेवा भक्त मंडल खातेगांव के द्वारा शाल श्रीफल से कथा वक्ता पंडित राजराजेश्वर शास्त्री, भागवत आचार्य पंडित राजेश व्यास, पंडित हरिओम तिवारी का दादाजी सेवा भक्त मंडल के पूनम बिश्नोई, प्रदीप साहू ने सम्मान किया। व्यास पीठ का पूजन यजमान नरेंद्र तिवारी, शिव शंकर जोशी, दुलीचंद अग्रवाल, कल्याण सिंह तोमर आदि ने व्यासपीठ का पूजन किया। कथा के तृतीय दिवस महा आरती के समय महा आरती थाली सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया है जिसमें आरती की सबसे सुंदर थाली सजा का लाने वाली मातृशक्ति को सम्मानित किया जाएगा । कार्यक्रम का संचालन प्रदीप साहू साहू ने किया और बताया कि प्रतिदिन कथा परिसर में पहुंचने वाले साधु संत महंतों का शाल श्रीफल से सम्मान हुआ कथा परिसर में मटकी सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन होगा भगवान कृष्ण रुक्मणी सजाओ प्रतियोगिता होगी प्रतियोगिता विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।






